मोदी ओली का जनकपुर मिलन


               भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेपाली प्रधानमंत्री खड्गप्रसाद ओली का मिथिला नगरी जनकपुर में मिलना कई ओर संकेत करता है । उसपर भी मोदी बिहार से सीधा नेपाल के तराई में स्थित जनकपुरधाम पर हैलिकोप्टर से उतरेंगे ।  जनकपुर, पौराणिक कथन के अनुशार सीता का जन्मस्थल है । इसिलिए हिन्दुओं का प्रसिद्ध तीर्थस्थल भी है । मोदी का जनकपुर ही नहीं उत्तर में चीन की सिमा के पास नेपाल में अवस्थित हिन्दुओं का एक और तीर्थस्थल मुक्तिनाथ का दर्शन भी करना एक हिन्दु होने के नाते अस्वभाविक नहीं है । परन्तु ईशारा यही पर खत्म नहीं हो जाता ।


ओली और मोदीका मधेश कनेक्शन अपनी ही तरह का है । ओली को भले ही चुनाव में भारी सफता मिली है परन्तु मधेश प्रदेश में कडी शिकस्त मिली । वे मधेश आन्दोलन के दौरान मधेश के प्रति बहुत अनुदार रहे । इसके कारण भी उनकी लोकप्रियता का ग्राफ वहां काफी नीचे है । तकरीबन तीनसाल पहले मोदी मधेश आन्दोलन के पक्ष में हो गये थे तब भारत नेपाल संबन्धों में काफी उल्झने पैदा हो गयी थी और भारत ने नेपाल पर पांच माह तक नाकाबन्दी कर दी थी ।  अब ओली प्रधानमंत्री बन ही गए हैं तो मधेश को मैनेज किए बगैर काम करना उनको कठिन हो सकता है । इसलिए वह मधेश को खुश करने के नुख्शे आजमाऐगें । ओली मोदी को अब जनकपुर में स्वागत करते हुये एक नुख्शा आजमाने में लगे । ओली का विदेशी उच्चस्तरिय मेहमान के साथ वहां होना फायदेमन्द ही होगा । अतः यह मधेश के प्रति ओली का कोर्स करेक्शन को संकेत करता है ।
मधेश आन्दोलन को मोदी ने सिर्फ एक हथकण्डे के ही रुपमें इस्तेमाल किया था । मधेश मेंं कई लोगों का मानना है कि आन्दोलन के बीचमें ही हाथ खींचकर मोदी ने मधेश के साथ धोखा किया था । इसकी भरपाई मोदी इसबार मधेश आकर करने की मनसुबा रखते हैं और मधेश को जताना चाहते हैं कि वे अब भी उनके पराये नहीं है । काठमाण्डो के प्रति मोदी, ओली के सत्तारोहण के संकेत मिलते ही करेक्ट हो गये थे । बस् अब मधेश की बारी थी ।
  वैसे मोदी की पैनी नजर न काठमाण्डो पर है न तो मधेश पर है । ये दोनो उनके लिए बडे मायने अहीं रखते हैं । बस है तो सिर्फ बेईजिङ पर । नेपाल मे अभी जो कुछ भी मोदी की ओर से घटित हो रहा है सब बेईजिङ कनेक्शन है । मोदी ने नेपाल आने से चन्द दिन पहले चीन का दौरा भी किया वहां भी कोर्स करेक्शन की ही खुश्बु महसुस किया गया था ।  नेपाल की भारत के प्रति शंदेह कुटनीति और भारत की चीन के प्रति भय कुटनीति का अनोखी सरगर्मी हिमालय से इस ओर चलरही है ।              


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